| | | |

Meri Pehli 5000 Ki Hindi Sex Story

मेरा नाम विकी है और मैं आपको अपनी असली देसी गंदी चुदाई की पूरी antarvasna भरी xxx story सुनाता हूँ। ये मेरी mastram वाली पहली रात की कहानी है, जो जीबी रोड की रानी के साथ हुई थी। दोस्तों, ये हिंदी सेक्स स्टोरी इतनी गंदी और डिटेल्ड है कि पढ़ते-पढ़ते आपका लौड़ा खड़ा हो जाएगा।

मेरा नाम विकी है। मैं 23 साल का हूँ। दिल्ली के एक छोटे से मोहल्ले में रहता हूँ। कॉलेज खत्म होने के बाद से मेरी जिंदगी में एक ही भूख थी – सेक्स की भूख। लड़कियों से बात करने की हिम्मत नहीं थी, कोई गर्लफ्रेंड नहीं बनी, और हाथ से मुठ मार-मार के थक गया था। हर रात सपने में कोई मोटी गांड वाली, बड़ी चुचियों वाली औरत मुझे चोदने को बुलाती थी। मैं सोचता था कि काश कोई रंडी मिल जाए जिसके साथ पूरी रात गंदी चुदाई कर सकूँ। लेकिन पैसे कहाँ थे? घरवालों से माँगकर तो नहीं ले सकता था।

एक दिन मैंने सोचा – क्यों न नाइट शिफ्ट का कॉल सेंटर जॉब कर लूँ। फ्रेशर के लिए सैलरी कम होती है, लेकिन नाइट शिफ्ट में एक्स्ट्रा इंसेंटिव मिलता है और दिन में सो सकता हूँ। मैंने ऑनलाइन अप्लाई किया। दो हफ्ते बाद एक छोटे से BPO में जॉब लग गई – सेल्स प्रोसेस, अमेरिकन क्लाइंट्स को फोन करके प्रोडक्ट बेचना था। सैलरी 12000 रुपये इन-हैंड थी, प्लस KPI पर 2-3 हजार एक्स्ट्रा। नाइट शिफ्ट – रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक।

पहले हफ्ते बहुत मुश्किल लगा। हेडफोन लगाकर घंटों “Hello sir, how are you?” बोलना, रिजेक्शन खाना, गाली सुनना। लेकिन मैंने सोचा – ये सब मेरी पहली चुदाई के लिए है। मैंने खाने-पीने पर कम खर्च किया, सिगरेट छोड़ दी, बस ऑफिस और घर। हर महीने मैं 5-6 हजार बचा लेता था। तीन महीने में मेरे पास 15000 रुपये हो गए। अब मैंने प्लान बनाया – 5000 रुपये में एक पूरी रात GB Road की कोई मोटी, बड़ी चुचियों वाली रंडी के साथ बिताऊँगा। ये मेरी hindi sex story की शुरुआत थी।

चार महीने बाद वो दिन आ गया। मैंने ऑफिस से निकलकर सीधा घर नहीं गया। नहाया-धोया, अच्छी शर्ट-पैंट पहनी, जेब में 5000 रुपये और कुछ कंडोम रखे। रात के 11 बजे मैं अजमेरी गेट मेट्रो से उतरा और पैदल GB Road की तरफ बढ़ा। दिल जोर-जोर से धड़क रहा था। गली में घुसते ही हवा बदल गई – पान-मसाला, बीड़ी, सस्ता परफ्यूम और औरतों की चूत की गंध। दोनों तरफ पुरानी इमारतें, नीचे दुकानें बंद, ऊपर कोठों पर लाइटें जल रही थीं। औरतें खिड़कियों से झाँक रही थीं – कुछ युवा, कुछ मोटी, कुछ पतली।

“आ जा बेटा… 500 में पूरा मज़ा ले ले…” एक ने चिल्लाया। लेकिन मैंने सोचा – पूरी रात के लिए चाहिए। मैं आगे बढ़ा। एक कोठे के नीचे एक मोटी आंटी बैठी थी, उम्र करीब 35-36। उसने मुझे देखा और मुस्कुराई, “क्या चाहिए लौंडे? शॉर्ट या फुल नाइट?”

मैंने हिम्मत करके कहा, “फुल नाइट… अच्छी वाली… बड़ी… बड़ी चुचियाँ होनी चाहिए।”

आंटी हँसी, “अरे वाह, तू तो सीधा माल माँग रहा है। 6000 देगा तो रानी को बुला दूँ। उसकी चुचियाँ 42 इंच की हैं, मोटी गांड है, और चूत बहुत टाइट रखती है।”

मैंने थोड़ा सौदा किया, आखिर 5000 में फिक्स हो गया। आंटी ने ऊपर फोन किया और मुझे अंदर भेज दिया। सीढ़ियाँ चढ़ते हुए मेरे पैर काँप रहे थे। कमरा छोटा था – एक पुराना बेड, फटा हुआ चादर, एक पंखा, आईना और एक छोटी सी लाइट।

दस मिनट बाद दरवाजा खुला और अंदर आई – रानी।

वाह क्या माल थी! गोरा रंग, लंबे बाल, मोटी-मोटी जांघें। लेकिन सबसे खास – उसके स्तन। ब्लाउज में से फटने को तैयार, भारी, लटकते हुए, निप्पल काले और बड़े। कमर मोटी, गांड इतनी चौड़ी कि दोनों हाथों से भी पूरी नहीं पकड़ सकूँ। वह मुस्कुराई और बोली, “तो तू विकी है? पहली बार आया है क्या? घबरा मत, आज पूरी रात तेरी हूँ। मेरी इन बड़ी-बड़ी चुचियों को जितना मन करे मसल, चूस, थप्पड़ मार।”

मैंने पैसे आगे बढ़ाए। रानी ने गिने और मुस्कुराते हुए ब्लाउज के हुक खोलने लगी। जैसे ही ब्लाउज खुला, उसके विशाल स्तन बाहर आ गए – भारी, नरम, थोड़े लटके हुए लेकिन बहुत आकर्षक। निप्पल कड़े हो रहे थे। मैंने हाथ बढ़ाया और दोनों स्तनों को पकड़ लिया। “आह्ह्ह… जोर से पकड़ लौंडे… ये तेरे लिए हैं आज,” रानी बोली।

मैंने उसे बेड पर धकेला। उसकी साड़ी खींची, पेटीकोट उतारा। नीचे सिर्फ एक पुरानी पैंटी थी जो गीली हो चुकी थी। मैंने पैंटी हटाई तो उसकी चूत दिखी – काली, घनी बालों वाली, मोटी-मोटी लेबिया, और पहले से ही चमक रही थी।

रानी ने मेरे कपड़े उतार दिए। मेरा 6.5 इंच का लौड़ा पहले से ही पूरा खड़ा था, सुपाड़ा चमक रहा था। उसने हाथ में लेकर हिलाया, “वाह लौंडे, मोटा है तेरा। आज इसको मेरी बुर में घुसाकर फाड़ दूँगी।”

पहले उसने मुझे टिटफक दिया। अपने दोनों भारी स्तनों को बीच में लेकर मेरे लौड़े को दबाया और ऊपर-नीचे करने लगी। लौड़ा उसके नरम, गर्म स्तनों में दब रहा था। सुपाड़ा उसके निप्पलों से टकरा रहा था। मैंने उसके बाल पकड़े और धक्के देने लगा।

फिर रानी झुकी और मुंह में ले लिया। जोर-जोर से चूसने लगी, जीभ घुमाती हुई, गले तक ले जाती हुई। “ग्लक… ग्लक…” की आवाज हो रही थी। मैंने उसके सिर को दबाया और मुंह में चोदने लगा।

थोड़ी देर बाद मैंने उसे घोड़ी बनाया। उसकी मोटी गांड ऊपर थी। मैंने थूक लगाया और एक धक्के में आधा लौड़ा घुसा दिया। रानी चीखी, “आह्ह्ह विकी… धीरे… तेरे लौड़े ने मेरी बुर फाड़ दी… पूरा डाल… हाँ… और जोर से!”

मैंने उसके कूल्हे पकड़े और फुल स्पीड से चोदने लगा। फच-फच-फच… फच-फच… कमरे में सिर्फ ये आवाज और रानी की चीखें गूंज रही थीं। हर धक्के में उसके भारी स्तन नीचे लटककर हिल रहे थे। मैंने आगे हाथ बढ़ाकर उन्हें मसलना शुरू किया, निप्पल खींचे, चुटकी ली।

“साली रंडी… तेरी चूत कितनी गर्म और गीली है… ले… ले… पूरा लौड़ा ले ले…” मैं गालियाँ दे रहा था।

रानी ने गांड हिलाते हुए कहा, “हाँ विकी… चोद मुझे… मेरी GB Road वाली गंदी बुर फाड़ दे… जितना मन करे चोद… मैं तेरी रंडी हूँ आज… आह्ह्ह… मैं झड़ने वाली हूँ…”

पहला राउंड में मैंने उसकी चूत के अंदर ही झड़ दिया। गरम वीर्य उसकी गहराई में छूटा। रानी भी काँप गई, उसकी बुर सिकुड़-फैल रही थी।

लेकिन रात अभी बाकी थी।

हम दोनों पसीने से तर थे। रानी ने पानी पिया और मेरे लौड़े को फिर से चूसने लगी। दस मिनट में फिर खड़ा हो गया। इस बार मैंने उसे मिशनरी में लिटाया। उसके दोनों पैर अपने कंधों पर रखे और गहराई तक चोदने लगा। हर धक्के में मेरी अंडकोष उसकी गांड से टकरा रही थी। उसके स्तन मेरे मुंह के पास थे, मैं चूसता, काटता, थप्पड़ मारता।

“ले साली… तेरी बड़ी चुचियाँ आज लाल हो जाएँगी…”

रानी चीख रही थी, “हाँ… और तेज… मेरी चूत को तोड़ दे… विकी… मैं तेरी हूँ… चोद… चोद… आह्ह्ह!”

दूसरा राउंड भी पूरा हुआ। फिर हम थोड़ी देर लेटे। रानी ने सिगरेट सुलगाई और मुझे भी दी। बातें करने लगी – वो राजस्थान से आई थी, मजबूरी में यहाँ आ गई। लेकिन आज वो सच में मज़ा ले रही थी।

तीसरा राउंड काउगर्ल में। रानी ऊपर चढ़ी, मेरे लौड़े पर बैठी और तेज-तेज कूदने लगी। उसके विशाल स्तन उछल-उछलकर मेरे चेहरे पर पड़ रहे थे। मैंने उन्हें दोनों हाथों से पकड़कर मसल डाला। रानी की चूत से सफेद झाग निकल रहा था।

“विकी… तेरा लौड़ा बहुत अच्छा है… मेरी बुर आज बहुत खुश है…”

रात भर हमने चार राउंड किए। हर बार नई पोजीशन – डॉगी, स्टैंडिंग, साइड, फिर से टिटफक। मैंने उसके स्तनों पर वीर्य छोड़ा, चूत में छोड़ा, मुंह में भी थोड़ा दिया। रानी हर बार चीख-चीखकर झड़ती रही।

सुबह के 4 बजे जब मैं निकला तो मेरे पैर लरज रहे थे, लेकिन मन बहुत खुश था। रानी ने मुझे आलिंगन दिया और बोली, “विकी, जब भी 5000 लेकर आना… तेरी रानी हमेशा तैयार रहेगी तेरे लौड़े के लिए।”

दोस्तों, वो रात मेरी जिंदगी की सबसे गंदी और यादगार रात थी। 5000 रुपये में मैंने जो मज़ा लिया, वो कभी नहीं भूल सकता। अब भी जब याद आती है तो लौड़ा खड़ा हो जाता है – रानी की वो भारी-भारी चुचियाँ, मोटी गांड, और गर्म चूत।

अगर आपको मेरी ये कहानी पसंद आई तो बताना, मैं और भी गंदी कहानियाँ सुना सकता हूँ।

आपको कहानी कैसी लगी?
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *